डिम्ब-ग्रंथियों में सूजन के साथ पानी भरना (Ovarian Dropsy)
डिम्ब-ग्रंथियों में सूजन के साथ पानी भरना (Ovarian Dropsy)
परिचय
हमारे शरीर में खून एक तरल पदार्थ के रूप में होता है। जब खून जम जाता है तब उसका स्थूल-भाग अलग हो जाता है और तरल भाग अलग हो जाता है। इसी तरल भाग को `रक्त-रस´ (सेक्रम) कहते हैं। स्त्री की डिम्ब-ग्रंथियों में जब ये `रक्त-रस´ जमा हो जाते है तो इसमें इस कारण से सूजन आ जाती है। रोगी स्त्री का पेट फूल जाता है, डिम्ब-ग्रंथि के भाग में दर्द होता है तथा बोझ सा महसूस होता है, सांस लेने में परेशानी होती है, मूत्ररोग भी हो जाता है, स्त्री के स्तनों में आने वाला दूध रुक जाता है।
लक्षण
जब यह रोग किसी स्त्री को हो जाता है तो उसे डिम्बकोष पर भार महसूस होता है, पेट में सूजन आ जाती है तथा पेशाब, मल तथा सांस से सम्बंधित परेशानियां होने लगती हैं, स्तन में दूध जमा होने लगता है तथा और भी कई प्रकार के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।
होमेओपेथी से इलाज
डिम्बकोष की सूजन को ठीक करने के लिए आरम-म्यूर-नेट्रोनेट की 3x मात्रा, लैके की 6 शक्ति, सिकेलि की 3 शक्ति, जिंकम की 6 शक्ति, ग्रैफाइटिस की 6 शक्ति, आर्स की 6 शक्ति, कैलि-ब्रोम की 1x मात्रा विचूर्ण या प्लाटिना औषधि की 30 शक्ति का उपयोग करना अधिक लाभदायक होता है।
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