परिचय : अमीबिका प्रवाहिका रोग से पीड़ित रोगी में इस प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं जैसे- मल में आंव आना , अमीबा जीवाणु और मवाद आना आदि। इस रोग में मल के साथ खून नहीं आता और पेट के नि...
चिकित्सा: 1. लाल कचनार: कचनार की कलियों के गुलकन्द को 5 से 10 ग्राम की मात्रा में खाने से मल-मूत्र की परेशनी खत्म हो जाती है। कचनार के सूखे फूलों का चूर्ण 2 से 5 ग्राम की मात्रा को चीनी...
परिचय: पेचिश या आंवरक्त खानपान की गड़बड़ी और एण्टामिवा हिस्टोलिटिका जीवाणु के कारण उत्पन्न होता है। इस रोग में मल के साथ आंवयुक्त खून आता है और पेट के नीचे तेज दर्द होता है। ब...