योनि का संकोचन परिचय: बढ़ती उम्र के अनुसार या बार-बार प्रसव (डिलीवरी) के कारण योनि की मांसपेशियों में शिथिलता आना स्वाभाविक ही है, जिससे भग (योनि) अपेक्षाकृत ढीले अनुभव होते हैं। ज्यादातर लोग गलत समझकर अपने दाम्पत्य जीवन को बिगाड़ देते हैं। इसलिए योनि संकोचन के बारे में ज्ञान होना जरूरी है। चिकित्सा: 1. बैंगन: बैंगन को सुखाकर बारीक पीसकर योनि पर लगाने से योनि संकोचन होता है। 2. वीर बहूटी: वीर बहूटी 5 ग्राम को लगभग 50 ग्राम देशी घी में मिलाकर योनि पर लगाने से लाभ मिलता है। 3. गूलर: गूलर की गूदे (गूंद) को बारीक पीसकर कपड़े से छान लें, फिर इस पीसे चूर्ण को शहद में मिलाकर योनि पर लगाकर रख दें। अन्त में सूखने के बाद हल्के गर्म पानी से धोने से योनि संकुचित होती है। 4. आंवला: आंवला (आमले) की छाल को 20 ग्राम की मात्रा में लेकर मोटा-मोटा पीसकर लगभग 250 मिलीलीटर पानी में डालकर पकायें, जब पानी आधा बच जाये तब ठण्डा करके योनि पर लगाने से योनि की शिथिलता या ढीलापन दूर हो जाता है।आंवला (आमले) को पकाकर काढ़ा बनाकर रख लें। इस काढे़ को दही में मिलाकर योनि पर सुबह-शाम लगाने से लाभ मिलता है। ...