मॉश्चराइजिंग Moisturizing

परिचय-
          चेहरे को अच्छी तरह से साफ करने और टोनिंग करने के बाद चेहरे पर मॉश्चराइजिंग की जाती है। मुख्यत: हमारी त्वचा में जो कोशिकाएं होती है वो लगभग 30 साल की उम्र के बाद कमजोर पड़ने लगती है। कोशिकाओं मे मौजूद नमी हमारी त्वचा का पोषण करती है। जिसके कारण हमारी त्वचा कोमल ओर सुन्दर बनी रहती है। परन्तु अगर यह नमी हमारी त्वचा में न हो तो त्वचा रूखी हो जाती है और उसमे झुर्रियां सी पड़ जाती है जिसके कारण उम्र से पहले ही चेहरे पर बुढ़ापा नजर आने लगता है। बाजार में बहुत सी कंपनियों की मॉश्चराइजिंग क्रीम ओर लोशन मिल जाते हैं जिनको लगाकर त्वचा को मुरझाने से रोका जा सकता है।
चिकित्सा-
1 नींबू, 4 चम्मच ग्लिसरीन और थोड़े से गुलाबजल को एकसाथ मिलाकर शीशी में भरकर रख लें। इस मिश्रण को काम खत्म करने के बाद हाथों पर लगा सकते हैं।
10 गिरी बादाम, थोड़ा सा खीरे का रस, 1 चम्मच मलाई, 1 चम्मच शहद, 6 दाने चिरौंजी और थोड़े से कच्चे दूध की क्रीम को मिलाकर 1 बोतल में भरकर रख लें। इसको थोड़ी देर तक चेहरे पर लगाकर चेहरे को धोने से चेहरे की चमक काफी बढ़ जाती है और त्वचा को भी पूरा पोषण मिलता है।
सर्दियों के मौसम में रूखी ओर सामान्य त्वचा के लिए मॉश्चराइजर का इस्तेमाल सबसे अच्छा रहता है। इससे त्वचा में नमी मौजूद रहती है और त्वचा पर झुर्रियां भी नहीं पड़ती। ज्यादा रूखी त्वचा के लिए दिन में 3 बार त्वचा पर मॉश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करें। अगर आपको कहीं बाहर जाना है तो मेकअप से पहले मॉश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।
माश्चराइजिंग लगाने की विधि-
          अपने हाथों में थोड़ा सा लोशन या क्रीम लेकर उंगलियों के पोरों से पूरे चेहरे पर अच्छी तरह से लगा लें तथा दोनों हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए एकसार कर लें। इससे चेहरा चमकीला और तरोताजा लगता है।
सावधानी-
          सर्दियों के मौसम में जब त्वचा ज्यादा रूखी हो जाती है तो मॉश्चराइजिंग का प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है।

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