कपूर क्रीम बनाने की विधि Method of preparing camphor cream
कैसे बनाएं कपूर क्रीम-
सबसे पहले 1 कप तिल का तेल, 25 ग्राम कपूर और 25 ग्राम शुद्ध मोम को मिलाकर किसी बर्तन में तब तक गर्म करें, जब तक कि सारा सामान आपस में मिल नहीं जाता। इस मिश्रण को पूरी तरह घुल जाने के बाद बोतल में भर दें ओर रोजाना त्वचा पर लगाएं।
चिकित्सा-
अपने नाखूनों पर लगी हुई पुरानी नेलपॉलिश को रिमूवर से साफ कर लें। फिर नाखूनों को नेल फाइलर की मदद से `यू´ का आकार दे दें।
अपने हाथों ओर नाखूनों को साबुन वाले पानी मे अच्छी तरह डुबोकर साफ कर लें। इनको साफ करने के लिए हैण्डब्रश की सहायता भी ली जा सकती है।
लकड़ी की एक पतली छोटी सी छड़ के सिरे पर रूई लपेटकर नाखूनों की परत पर क्यूटिकल को पीछे की ओर दबाते हुए क्रीम लगा लें।
नाखूनों के चारों तरफ मसाज क्रीम से रूखे या कटे-फटे क्यूटिकल की मालिश कर लें। इस तरह लगातार 4 महीने तक मालिश करने से नाखूनों में चमक आ जाती है।
आपके पास जब भी खाली समय हो तब हथेलियों में मॉश्चराइजिंग क्रीम लेकर उंगलियों की दोनों तरफ से मालिश करें।
क्यूटिकल स्टिक के नुकीले सिरे से नाखूनों के अन्दर ओर क्यूटिकल के चारों तरफ मौजूद गन्दगी को साफ कर लें।
रूखे-सूखे नाखूनों में चमक लाने के लिए उन पर नेलपॉलिश का बेस कोट कर लें।
रंगीन नेलपॉलिश की हल्की पहली परत 3 स्ट्रोक्स में लगाएं। नीचे से बीच के नाखूनों तक, फिर दोनों तरफ से 1-1 बार लगाएं।
कोहनियों तक हैण्ड क्रीम लगाएं। कुछ देर तक आराम करें, ताकि क्रीम त्वचा में समा जाए। अगर नाखूनों पर क्रीम लग गई हो, तो रूई से हटा दें। अगर नाखूनों पर चिकनाहट होगी तो नेलपॉलिश ठीक प्रकार से नहीं लग सकेगी।
बफिंग से नाखून चमकने लगते हैं। बफिंग के लिए पहले नाखूनों पर फ्रेच चोंक लगा लें। नाखूनों पर बफिंग केवल एक ही दिशा में करें। फिर हर नाखून को 15-20 सैकण्ड तक `बफ´ करें। लेकिन बफिंग रोजाना नहीं करनी चाहिए।
विशेष-
रात को सोने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोकर साफ करने के बाद ही कपूर क्रीम लगानी चाहिए।
सर्दियों के मौसम में अक्सर हाथों में सूजन आ जाती है। इसके लिए पानी में नमक मिलाकर उसके अन्दर 10 मिनट तक हाथों को डुबोकर रखना चाहिए। इसके बाद साफ ओर सूखे तौलिए से हाथों को पोंछ लेना चाहिए। फिर 1 छोटे चम्मच दूध में 1 बूंद गिल्सरीन की मिलाकर हाथों पर मल लें तथा 15 मिनट के बाद हाथों को धो लें।
सब्जी को काटने से पहले हाथों पर तेल लगा लें क्योंकि इससे हाथ सुरक्षित रहते हैं। आज के भागदौड़ भरे जीवन में किसी के पास इतना समय नहीं है कि वे अपने हाथों की सही तरह से देखभाल कर सके। पर फिर भी सप्ताह में 1 बार थोड़ा सा समय निकालकर नीचे लिखी हुई विधियों के द्वारा अपने हाथों को सुन्दर बना सकती हैं।
सबसे पहले 1 कप तिल का तेल, 25 ग्राम कपूर और 25 ग्राम शुद्ध मोम को मिलाकर किसी बर्तन में तब तक गर्म करें, जब तक कि सारा सामान आपस में मिल नहीं जाता। इस मिश्रण को पूरी तरह घुल जाने के बाद बोतल में भर दें ओर रोजाना त्वचा पर लगाएं।
चिकित्सा-
अपने नाखूनों पर लगी हुई पुरानी नेलपॉलिश को रिमूवर से साफ कर लें। फिर नाखूनों को नेल फाइलर की मदद से `यू´ का आकार दे दें।
अपने हाथों ओर नाखूनों को साबुन वाले पानी मे अच्छी तरह डुबोकर साफ कर लें। इनको साफ करने के लिए हैण्डब्रश की सहायता भी ली जा सकती है।
लकड़ी की एक पतली छोटी सी छड़ के सिरे पर रूई लपेटकर नाखूनों की परत पर क्यूटिकल को पीछे की ओर दबाते हुए क्रीम लगा लें।
नाखूनों के चारों तरफ मसाज क्रीम से रूखे या कटे-फटे क्यूटिकल की मालिश कर लें। इस तरह लगातार 4 महीने तक मालिश करने से नाखूनों में चमक आ जाती है।
आपके पास जब भी खाली समय हो तब हथेलियों में मॉश्चराइजिंग क्रीम लेकर उंगलियों की दोनों तरफ से मालिश करें।
क्यूटिकल स्टिक के नुकीले सिरे से नाखूनों के अन्दर ओर क्यूटिकल के चारों तरफ मौजूद गन्दगी को साफ कर लें।
रूखे-सूखे नाखूनों में चमक लाने के लिए उन पर नेलपॉलिश का बेस कोट कर लें।
रंगीन नेलपॉलिश की हल्की पहली परत 3 स्ट्रोक्स में लगाएं। नीचे से बीच के नाखूनों तक, फिर दोनों तरफ से 1-1 बार लगाएं।
कोहनियों तक हैण्ड क्रीम लगाएं। कुछ देर तक आराम करें, ताकि क्रीम त्वचा में समा जाए। अगर नाखूनों पर क्रीम लग गई हो, तो रूई से हटा दें। अगर नाखूनों पर चिकनाहट होगी तो नेलपॉलिश ठीक प्रकार से नहीं लग सकेगी।
बफिंग से नाखून चमकने लगते हैं। बफिंग के लिए पहले नाखूनों पर फ्रेच चोंक लगा लें। नाखूनों पर बफिंग केवल एक ही दिशा में करें। फिर हर नाखून को 15-20 सैकण्ड तक `बफ´ करें। लेकिन बफिंग रोजाना नहीं करनी चाहिए।
विशेष-
रात को सोने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोकर साफ करने के बाद ही कपूर क्रीम लगानी चाहिए।
सर्दियों के मौसम में अक्सर हाथों में सूजन आ जाती है। इसके लिए पानी में नमक मिलाकर उसके अन्दर 10 मिनट तक हाथों को डुबोकर रखना चाहिए। इसके बाद साफ ओर सूखे तौलिए से हाथों को पोंछ लेना चाहिए। फिर 1 छोटे चम्मच दूध में 1 बूंद गिल्सरीन की मिलाकर हाथों पर मल लें तथा 15 मिनट के बाद हाथों को धो लें।
सब्जी को काटने से पहले हाथों पर तेल लगा लें क्योंकि इससे हाथ सुरक्षित रहते हैं। आज के भागदौड़ भरे जीवन में किसी के पास इतना समय नहीं है कि वे अपने हाथों की सही तरह से देखभाल कर सके। पर फिर भी सप्ताह में 1 बार थोड़ा सा समय निकालकर नीचे लिखी हुई विधियों के द्वारा अपने हाथों को सुन्दर बना सकती हैं।
Comments
Post a Comment