आंखों की सुन्दरता Beauty of the eyes

परिचय-
          अगर हम किसी भी व्यक्ति को देखते हैं तो सबसे पहली हमारी नजर उस व्यक्ति की आंखों पर जाती है क्योंकि आंखे कुदरत की वह कीमती देन है जिसके आगे संसार के सारे सुख बेकार हैं। अगर कोई व्यक्ति आपसे कहता है की मै तुम्हे बहुत सी धन-दौलत देता हूं पर उसके बदले में मुझे तुम्हारी आंखे चाहिए तो आप अपनी आंखे तो उस व्यक्ति को तो नहीं दे देंगे क्योंकि जिस खूबसूरत संसार को देखने के लिये कुदरत ने आपको 2 सुन्दर आंखे दी है जब वह ही आपके पास नहीं होगी तो आप इतनी धन-दौलत का क्या करोगे। वैसे किसी भी व्यक्ति की बड़ी, काली और चमकदार आंखे किसी को भी अपनी ओर खींच लेती है और अगर आंखे ही थकी हुई और बेजान होगी तो कोई कितना भी सुन्दर क्यों न हो बेकार है।
आंखों को सुन्दर बनाने के लिये-
 रोजाना पूरे दिन मे कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
 चलती हुई बस, ट्रेन में लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।
बिल्कुल कम या हल्की रोशनी मे कोई भी बारीक काम जैसे सिलाई-कढ़ाई, लिखना-पढ़ना आदि नहीं करना चाहिए। आंखों का कोई भी काम करते समय बीच-बीच मे इन्हें आराम देना जरूरी है।
अगर आपको कहीं बाहर जाना हो तो धूप का चश्मा और छाता लेकर जाना चाहिये क्योकि तेज धूप, धुंआ, ठण्डी हवाएं, धूल-मिटटी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।
टेलीविजन देखते समय हमेशा कम से कम 10 फुट की दूरी रखनी चाहिए और अंधेरे मे कभी भी टेलीविजन नहीं देखना चाहिए। कमरे मे हल्की रोशनी होना बहुत जरूरी है नहीं तो आंखो पर बहुत जोर पड़ता है।
रोजाना कम से कम 7-8 घंटे सोना जरूरी है नहीं तो नींद पूरी न होने के कारण आंखो के आसपास काले घेरे हो जाते हैं और आंखो के पास की त्वचा ढीली पड़ जाती है।
आंखों के आसपास के काले घेरों को हटाने के लिए कच्चे आलू के टुकड़े काटकर आंखों के चारों तरफ रगड़े या आलू के गोल टुकड़े करके कम से कम 20 मिनट तक आंखों पर रखकर लेट जाएं। खीरे के गोल टुकड़े करके आंखों पर रखकर अंधेरे कमरे मे लेटने से आराम आता है।
अगर आंखें थकी हुई सी महसूस हो तो रूई को ठण्डे गुलाबजल मे भिगोकर आंखों पर रखकर लेटने से लाभ होता है।
चाय के पानी में रूई को भिगोकर फ्रिज मे ठण्डा होने के लिये रख दें। जब ये रूई ठण्डी हो जाए तो इसे आंखों पर रखकर लेट जाएं। इससे कुछ ही समय मे आंखों के आसपास के काले घेरे दूर हो जाते हैं।
सिर और पैर के तलवों पर सरसों के तेल से मालिश करने से आंखों को आराम मिलता है।
एरण्ड के तेल से आंखों की चारो तरफ हल्के-हल्के से मालिश करने से आंखों की थकावट और जलन दूर हो जाती है।
थोड़ा सा बादाम रोगन लेकर आंखों के आसपास लगाकर 20 मिनट के बाद रुई से साफ कर दें। इससे आंखों को आराम मिलता है।
अगर आंखों के आसपास झुर्रियां पड़ी हो तो अण्डे के अन्दर की सफेदी लगाने से लाभ होता है।
मेकअप करने से पहले आंखों के पास पड़ी झुर्रियों पर कन्सीलर लगाकर फाउण्डेशन लगाने से आंखें सुन्दर हो जाती है।
सुबह के समय गीली घास पर नंगे पैर घूमना चाहिए। इससे आंखों की रोशनी तेज होती है।
त्रिफला के चूर्ण को पानी मे भिगोकर किसी बारीक कपडे में छान लें। इसके पानी से आंखों को धोने से आंखों की जलन और थकावट समाप्त हो जाती है।
सुबह उठकर 1 मग या आई कप मे पानी भरकर आंखों को बारी-बारी डुबोने से आंखों को आराम मिलता है।
सावधानी-
खाने मे ज्यादा तेज मिर्च मसाले नहीं खाने चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियों और ऐसे पदार्थो का इस्तेमाल करना चाहिये जिनके अन्दर आयरन और विटामिन `ए´ की मात्रा ज्यादा हो। पालक, गाजर, आंवला, दूध, दही, पनीर, पत्तागोभी ज्यादा खानी चाहिए। अगर अण्डा और मछली खा सकते हैं तो जरूर खाएं। डॉक्टर के कहे बिना कोई भी दवा आंखों मे न डालें।
आंखों की मेकअप द्वारा चिकित्सा-
रूई को ठण्डे गुलाबजल मे भिगोकर मेकअप करने से पहले आंखों पर रखने से आंखों को ताजगी मिलती है।
आंखों के चारों तरफ के काले घेरों को हटाने के लिये कंसीलर और थोड़ा सा फाउण्डेशन लगाने से लाभ मिलता है।
सर्दी के मौसम मे मेकअप करने का सामान क्रीमी या तरल और गर्मी मे पाउडर वाला ही होना चाहिये।
आंखों पर लगाने वाला लाइनर और मसकारा गर्मी के मौसम मे तरल  लेकिन वाटरप्रूफ होना चाहिये।
डिब्बी या पेंसिल का काजल लेकर आंख के अन्दर के कोने से लेकर बाहर के कोने के अन्दर की ओर लगाएं।
आई लाइनर ऊपर की ओर नीचे की पलकों पर आंख के बीच के भाग से लेकर अन्दर के कोने तक ले जाएं। फिर ब्रश को दोबारा आंख के बीच के भाग मे ले आएं। पलकों को छूते हुए बाहर के कोने तक ले जाएं।
अगर दिन मे आई-लाइनर लगाना हो तो सिर्फ ऊपर वाली पलक पर ही लगाना चाहिए। आई-लाइनर लगाने के बाद थोड़ी देर तक पलकों को झपकाएं नहीं, नहीं तो इससे पलकें चिपक सकती है।
आंखों की व्यायाम द्वारा चिकित्सा -
अपनी दीवार पर एक बिंदी लगा लें या पेंसिल से एक निशान बना लें। इस बिंदी या निशान की तरफ एकटक बिना पलकें झपकाए देखते रहें। जब आंखों में पानी आने लगे तो पलकें झपका लें। इस क्रिया को कम से कम 8-10 बार करें।
आंखों को ऊपर की तरफ घुमा लें। फिर दाईं तरफ और नीचे से घुमाते हुए बाई तरफ ले आएं। इस क्रिया को 10-15 बार जरूर करें।
हाथों की दोनों हथेलियों से आंखों को ढककर किसी काली चीज को याद करें। फिर आंखों को जल्दी-जल्दी खोलें और बन्द करें।
सुबह उठते ही सूरज की पहली किरण की ओर देखने से आंखों को आराम मिलता है।
बिल्कुल सीधे देखें और कुछ देर के बाद आंखों को बन्द करके कुछ देर तक आराम करें। यह क्रिया 10 बार जरूर करें।
बिना सिर को घुमाए बस आंखों को ज्यादा से ज्यादा घुमाकर सीधी और उल्टी तरफ देखें। इस क्रिया को 10 बार जरूर करें।
किसी दूर की चीज को आधा मिनट तक लगातार देखते रहें। फिर उस चीज को देखने के बाद तुरन्त अपने पास की किसी चीज को देखें। कुछ देर तक ऐसा करने के बाद दुबारा इस क्रिया को करें। ऐसा कम से कम 10 बार करें।
बिना सिर को घुमाए छत की ओर नजर डालें। इसके बाद फर्श पर देखें। ऐसा 10 बार करें।
बिल्कुल सामने देखते हुए आंखें घुमाकर हवा मे काल्पनिक सा कुछ बनाएं। ऐसा 1 मिनट तक करें।

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